गर्मियों का मौसम शुरू होते ही घरों में बिजली की खपत बढ़ जाती है। एसी, कूलर, पंखे और फ्रिज के लगातार उपयोग से हर महीने का बिजली बिल काफी अधिक आ जाता है। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह बढ़ता खर्च चिंता का कारण बन जाता है। इसी समस्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की शुरुआत की है। इस योजना का उद्देश्य आम लोगों को सौर ऊर्जा के माध्यम से सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है।
यह योजना फरवरी 2024 में शुरू की गई थी। इसके तहत लोगों को अपनी छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। सूर्य की रोशनी से उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग कर घर की बिजली जरूरत पूरी की जा सकती है। इससे पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम होती है और मासिक बिल में बड़ी कमी आ सकती है। सौर ऊर्जा एक प्राकृतिक और प्रदूषण रहित स्रोत है, इसलिए यह पर्यावरण के लिए भी लाभदायक मानी जाती है।
पहले सोलर सिस्टम लगवाना काफी महंगा समझा जाता था, लेकिन इस योजना के अंतर्गत सरकार सब्सिडी प्रदान करती है। सोलर प्लांट की क्षमता के आधार पर सहायता राशि तय की गई है। एक किलोवाट क्षमता पर लगभग तीस हजार रुपये, दो किलोवाट पर करीब साठ हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर लगभग अठहत्तर हजार रुपये तक की सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे शुरुआती निवेश का बोझ कम हो जाता है।
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सोलर पैनल लगाने के बाद एक सामान्य परिवार हर महीने लगभग तीन सौ यूनिट तक बिजली खुद तैयार कर सकता है। इससे बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है। यदि जरूरत से अधिक बिजली पैदा होती है तो उसे ग्रिड में भेजकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त की जा सकती है। इस तरह यह योजना बचत के साथ आय का अवसर भी प्रदान करती है।
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया है ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग आसानी से आवेदन कर सकें। यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना की पात्रता, सब्सिडी राशि और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित सरकारी पोर्टल या अधिकृत स्रोत से पुष्टि अवश्य करें।



